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परावलंबन निषेध ध्यान |
आराम से सुखासन में बैठ जाएँ | रीढ़ की हड्डी सीधी हो तनी हुई नहीं | निचे बैठने के लिए कोई आसन बिछा लें सूती ऊनी या कुश का कुछ भी | ...
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श्री महाबीर प्रसाद मुजफ्फरपुर के मुंसिफ थे | अक्टूबर १९५७ में ये पहली बार बाबा के दर्शनों के लिए लार रोड स्थित सरयू तट वाले आश्रम ...
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कौन हवा चले ! पूज्य बाबा प्रयाग में गंगा तट पर मंचासीन थे | मंच के निचे श्री शिवदानी सिंह संतरी का काम कर रहे थे | पछेया ( पश्चिम के तर...
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पतों का कमाल ! बात बहुत पहले की है | श्री इंद्र सहाय की पत्नी कमला देवी अस्पताल इलाहबाद मर भर्ती थी | वे काफी रुग्ण थी उनका ओपरेसन करना...
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